Anand Mahindra Installed Signal Messaging App – आनंद महिंद्रा ने इंस्टांल किया सिग्नल एप, कई लोगों ने किया समर्थन तो कुछ ने दिए ये सुझाव

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 11 Jan 2021 01:37 AM IST

उद्योगपति आनंद महिंद्रा
– फोटो : PTI

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महिंद्रां ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ट्विटर पर काफी सक्रिय रहते हैं और लोगों को जबाव देने का अंदाज काफी पसंद आता है। इस बार आनंद महिंद्रा ट्विटर पर लिखा कि उन्होंने मैसेज भेजने और प्राप्त करने के लिए सिग्नल एप इंस्टाल किया है। 

इसके बाद तो लोग ट्वीट कर उनसे मजे लेने लगे, कुछ ने लिखा ये सोशल मीडिया का जमाना है प्राइवेसी भूल जाइए। कुछ लोगों ने आनंद महिंद्रा से सवाल किए तो कुछ ने इस बात का समर्थन भी किया।  दरअसल, वॉट्सअप की नई पॉलिसी को उठे सवाल के बीच लोग सिग्नल एप डाउनलोड कर रहे हैं। 
 

सिग्नल एप की डाउनलोडिंग में लगातार इजाफा 
व्हाट्सएप की नई पॉलिसी की घोषणा के बाद सिग्नल एप को लोगों ने ग्रीन सिग्नल दे दिया है। सिग्नल एप  की डाउनलोडिंग में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। केवल भारत में ही पिछले एक सप्ताह में सिग्नल की डाउनलोडिंग में 36 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। 

टेलीग्राम के बाद सिग्नल एप  को व्हाट्सएप के सबसे बड़े विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। सिग्नल एप की चर्चा सबसे ज्यादा इसकी प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर है तो बेहतर है कि सिग्नल एप  को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी को ध्यान से समझा जाए।

ये भी पढ़ें: WhatsApp को पछाड़ भारत का टॉप फ्री एप बना Signal, जानिए इसकी खासियत

एपल के एप स्टोर पर सिग्नल एप  के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक एप यूजर्स से मोबाइल नंबर के अलावा कोई भी जानकारी नहीं लेता है और इस मोबाइल नंबर से वह आपकी पहचान को उजागर नहीं करने का दावा करता है।

 सिग्नल की प्राइवेसी पॉलिसी में यह भी शामिल है कि यदि आप सिग्नल एप पर किसी अन्य वेबसाइट की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो वहां सिग्नल की नहीं, बल्कि उस वेबसाइट की शर्तें लागू होंगी। 

सिग्नल को इस्तेमाल करने की न्यूनतम उम्र 13 साल है। यह एप आपके फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट को देखता है ताकि आपको बताया जा सके कि आपके कौन से कॉन्टेक्ट्स सिग्नल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

महिंद्रां ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ट्विटर पर काफी सक्रिय रहते हैं और लोगों को जबाव देने का अंदाज काफी पसंद आता है। इस बार आनंद महिंद्रा ट्विटर पर लिखा कि उन्होंने मैसेज भेजने और प्राप्त करने के लिए सिग्नल एप इंस्टाल किया है। 

इसके बाद तो लोग ट्वीट कर उनसे मजे लेने लगे, कुछ ने लिखा ये सोशल मीडिया का जमाना है प्राइवेसी भूल जाइए। कुछ लोगों ने आनंद महिंद्रा से सवाल किए तो कुछ ने इस बात का समर्थन भी किया।  दरअसल, वॉट्सअप की नई पॉलिसी को उठे सवाल के बीच लोग सिग्नल एप डाउनलोड कर रहे हैं। 

 

सिग्नल एप की डाउनलोडिंग में लगातार इजाफा 

व्हाट्सएप की नई पॉलिसी की घोषणा के बाद सिग्नल एप को लोगों ने ग्रीन सिग्नल दे दिया है। सिग्नल एप  की डाउनलोडिंग में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। केवल भारत में ही पिछले एक सप्ताह में सिग्नल की डाउनलोडिंग में 36 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। 

टेलीग्राम के बाद सिग्नल एप  को व्हाट्सएप के सबसे बड़े विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। सिग्नल एप की चर्चा सबसे ज्यादा इसकी प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर है तो बेहतर है कि सिग्नल एप  को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी को ध्यान से समझा जाए।

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एपल के एप स्टोर पर सिग्नल एप  के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक एप यूजर्स से मोबाइल नंबर के अलावा कोई भी जानकारी नहीं लेता है और इस मोबाइल नंबर से वह आपकी पहचान को उजागर नहीं करने का दावा करता है।

 सिग्नल की प्राइवेसी पॉलिसी में यह भी शामिल है कि यदि आप सिग्नल एप पर किसी अन्य वेबसाइट की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो वहां सिग्नल की नहीं, बल्कि उस वेबसाइट की शर्तें लागू होंगी। 

सिग्नल को इस्तेमाल करने की न्यूनतम उम्र 13 साल है। यह एप आपके फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट को देखता है ताकि आपको बताया जा सके कि आपके कौन से कॉन्टेक्ट्स सिग्नल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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